चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है,
हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 💖 #Shubh
Adi Manthan | Shubh > 🥀 Emotions refined. Thoughts redefined. 📜 Original Shayari & Poetry. Deep thoughts, simple words. #Shubh
जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh