जब लफ्ज़ थक गए तो फिर आँखों ने बात की, जो आँखें भी थक गयीं तो अश्कों से बात हुई। 🗣️#Shubh

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है,
 हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 💖 #Shubh 

ज़िंदगी इक फ़िल्म है मिलना बिछड़ना सीन हैं, आंख के आँसू तेरे किरदार की तौहीन हैं 🎬 #Shubh

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है,
 हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 💖 #Shubh

अश्कों को आरज़ू-ए-रिहाई है, रोइएआंखों की अब इसी में भलाई है, रोइए 💧#Shubh

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है,
 हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 💖 #Shubh

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है, हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 💖 #Shubh

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है,
 हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 💖 #Shubh

तेरी आंखों को मैं चूम लूं, तेरे साथ मस्ती में झूम लूं, तेरी आंखों को देखे बिना मन नहीं भरता, चाहे कितना भी उन्हें देख लूं। #Shayari by Shubh

तेरी आंखों को मैं चूम लूं,
 तेरे साथ मस्ती में झूम लूं,
 तेरी आंखों को देखे बिना मन नहीं भरता,
 चाहे कितना भी उन्हें देख लूं।
💋👀 #Shayari by Shubh

वैसे तो जुबां से चुप रहती है,पर आंखें बहुत कुछ कहती है,मुझे देखे बिना वो,एक पल भी नहीं रहती है। #Shayari by Shubh✨

वैसे तो जुबां से चुप रहती है,
पर आंखें बहुत कुछ कहती है,
मुझे देखे बिना वो,
एक पल भी नहीं रहती है।
 👁️✨ #Shubh

वैसे तो जुबां से चुप रहती है,पर आंखें बहुत कुछ कहती है,मुझे देखे बिना वो,एक पल भी नहीं रहती है। 👁️✨ #Shubh

वैसे तो जुबां से चुप रहती है,
पर आंखें बहुत कुछ कहती है,
मुझे देखे बिना वो,
एक पल भी नहीं रहती है।
 👁️✨ #Shubh

जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh