मेरी है वो मिसाल कि जैसे कोई दरख़्त, चुप-चाप आँधियों में भी तन्हा खड़ा हुआ। #Shayari by Shubh


 मेरी है वो मिसाल कि जैसे कोई दरख़्त,
 चुप-चाप आँधियों में भी तन्हा खड़ा हुआ।
 #Shayari by Shubh

No comments:

Post a Comment

जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh