ख्वाहिशें थीं चाँद तारे तोड़ लाने की मगर, देख लो बिखरा पड़ा है वो जमीं पर टूट कर। 💔 #Shayari by Shubh


इश्क़ में मेरा इस कदर टूटना तो लाजमी था,
काँच का दिल था और मोहब्बत पत्थर से की थी।
💔 #Shayari by Shubh

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जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh