ज़िंदगी इक फ़िल्म है मिलना बिछड़ना सीन हैं,
आंख के आँसू तेरे किरदार की तौहीन हैं 🎬 #Shayari by Shubh
Adi Manthan | Shubh > 🥀 Emotions refined. Thoughts redefined. 📜 Original Shayari & Poetry. Deep thoughts, simple words. #Shubh
जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh
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