हर्फ़-हर्फ़ इस कदर था तल्खियों से भरा,
आखिरी ख़त तेरा दीमक से भी खाया ना गया।
#Shayari by Shubh
Adi Manthan | Shubh > 🥀 Emotions refined. Thoughts redefined. 📜 Original Shayari & Poetry. Deep thoughts, simple words. #Shubh
जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh
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