तहज़ीब में भी उसकी क्या ख़ूब अदा थी, नमक भी अदा किया तो ज़ख्मों पर छिड़क कर। #Shayari by Shubh


 तहज़ीब में भी उसकी क्या ख़ूब अदा थी,
 नमक भी अदा किया तो ज़ख्मों पर छिड़क कर।
 #Shayari by Shubh

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जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh