अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है, किसी आफ़त में न डाल दे दिल-ए-नाशाद मुझे। #Shayari by Shubh


 अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है,
 किसी आफ़त में न डाल दे दिल-ए-नाशाद मुझे।
 #Shayari by Shubh

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जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh