हर घड़ी तुम्हारी कमी का एहसास होता है,मेरे खाली हाथ थाम लो, तो ये सफ़र खास होता है।#Shayari by Shubh

हर घड़ी तुम्हारी कमी का एहसास होता है,
मेरे खाली हाथ थाम लो, तो ये सफ़र खास होता है।
#Shayari by Shubh

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जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh