हर पंखुड़ी में सिमटी है तुम्हारी यादों की नमी,आज गुलाब तो हाथ में है, बस तुम्हारी ही है कमी।#Shayari by Shubh👑

गुलाब तो बस एक बहाना है पैगाम भेजने का,
वरना तुम्हारी याद की खुशबू से मेरा हर दिन महकता है।
#Shayari by Shubh👑

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जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh