खयालों में उसके मैंने बिता दी ज़िंदगी सारी, इबादत कर नहीं पाया खुदा नाराज़ मत होना । #Shayari by Shubh


  खयालों में उसके मैंने बिता दी ज़िंदगी सारी,
  इबादत कर नहीं पाया खुदा नाराज़ मत होना ।
 #Shayari by Shubh

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जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh