मंजिल भी तुम हो तलाश भी तुम हो,
उम्मीद भी तुम हो आस भी तुम हो,
इश्क भी तुम हो और जूनूँ भी तुम ही हो,
अहसास तुम हो प्यास भी तुम ही हो। #Shayari by Shubh
Adi Manthan | Shubh > 🥀 Emotions refined. Thoughts redefined. 📜 Original Shayari & Poetry. Deep thoughts, simple words. #Shubh
जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh
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