तुम हक़ीकत नहीं हो हसरत हो, जो मिले ख़्वाब में वही दौलत हो, किस लिए देखती हो आईना, तुम तो खुदा से भी ज्यादा खूबसूरत हो। #Shayari by Shubh


 तुम हक़ीकत नहीं हो हसरत हो,
 जो मिले ख़्वाब में वही दौलत हो,
 किस लिए देखती हो आईना,
 तुम तो खुदा से भी ज्यादा खूबसूरत हो।
 #Shayari by Shubh

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जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ, में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ। #Shyari by Shubh

 जिसके होने से मैं खुद को मुक्कम्मल मानता हूँ,  में खुदा से पहले मेरी माँ को जानता हूँ।  #Shyari by Shubh